श्री रामकृष्ण नेत्रालय के डॉक्टरों ने आंखों के सूखेपन से बचने के बताए उपाय

कोरोना महामारी, वर्क फ्रॉम होम, अनियमित जीवनशैली से आँखों में सूखेपन का खतरा बढ़ा : इससे कैसे बचें?

नेत्र विशेषज्ञ ने चेतावनी देते हुए कहा के ड्राई आई सिंड्रोम ‘संभावित रूप से गंभीर’ स्थिति है उसका जल्दी से जल्दी निवारण ज़रूरी है

मुंबई। वैसे तो असामान्य जीवनशैली और वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) प्रारूप में मानव शरीर पर और भी बहुत से दुष्परिणाम हैं लेकिन सब से बड़ा नुक्सान इससे आंखे को होता है क्योंकि कोरोना महामारी के बीच लंबे समय तक काम करने के कारण देश में बड़ी संख्या में लोगों के बीच आँखों के सूखेपन  को जन्म दिया है। आँखों का सूखापन ‘संभावित रूप से गंभीर’ स्थिति है जिसके परिणामस्वरूप आंखों में परेशानी और दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉ नितिन देशपांडे (निदेशक, श्री रामकृष्ण नेत्रालय) ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव के कारण कोविड -19 महामारी के दौरान सूखी आंख की समस्या बहुत बढ़ गई है। स्क्रीन टाइम में वृद्धि, पौष्टिक खाने की आदतों में व्यवधान और अनियमित नींद के पैटर्न के कारण सूखी आंखों के मामलों में वृद्धि हो रही है।

देशपांडे के मुताबिक, घर के अंदर या घर पर रहने से सूखी आंखों के मामलों में वृद्धि के साथ-साथ लक्षणों में वृद्धि हुई है। इनडोर वायु गुणवत्ता शुष्क आंखों का कारण बनती है। एयर कंडीशनिंग आंखों के ऊपर वायु प्रवाह को बढ़ाती है। यह स्क्रीन के सामने काम के साथ संयुक्त है, आँसू के वाष्पीकरण में वृद्धि का कारण बनता है जिससे आँखें सूख जाती हैं।

नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, खाना पकाने और खाने की दिनचर्या में बदलाव के कारण अनुचित आहार के कारण शरीर में आवश्यक फैटी एसिड, विटामिन ए, विटामिन डी की कमी हो गई है जो आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, अनुचित नींद आंखों के तरल पदार्थ की मात्रा को कम करके शुष्क आंखों में योगदान दे रही है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग के साथ, स्क्रीन का समय काफी बढ़ गया है।

पलकें झपकने की रफ़्तार में कमी

स्क्रीन टाइम का बढ़ना ड्राई आईज का प्रमुख कारण है। सामान्य ब्लिंक दर 15 ब्लिंक प्रति मिनट है। स्क्रीन टाइम ने ब्लिंक रेट को घटाकर 5 से 7 ब्लिंक प्रति मिनट कर दिया है। कम पलकें और अधूरी पलकें आंखों की सतह पर नमी को कम करती हैं। सबूत के अनुसार स्क्रीन से नीली रोशनी आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाती है लेकिन यह नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि अनुचित नींद से आंखों में सूखापन हो सकता है। साथ ही, कोविड-19 प्रोटोकॉल मास्क की अनुचित फिटिंग आंखों के सूखेपन में योगदान करती है। मास्क के साथ सांस लेने से हवा ऊपर की ओर प्रवाहित होती है और इसके परिणामस्वरूप आँसू का वाष्पीकरण होता है। नाक पर मास्क लगाने से ऊपर की ओर हवा का प्रवाह रोका जा सकता है और सूखी आंखों की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।

20:20:20 पैटर्न :

नेत्र रोग विशेषज्ञों ने लोगों को 20:20:20 पैटर्न का पालन करने की सलाह दी है। लोगों को हर 20 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लेने और 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड के लिए देखने की सलाह दी जाती है। बार-बार पलकें झपकाने की जरूरत है, हवा के ऊपर की ओर प्रवाह को रोकने के लिए ठीक से मास्क पहनना चाहिए। सोने से 2-3 घंटे पहले स्मार्टफोन या लैपटॉप की स्क्रीन बंद कर देनी चाहिए।

डॉ प्रेरणा शाह (कंसल्टिंग ऑप्थल्मोलॉजिस्ट और विटेरियोरेटिनल सर्जन) ने कहा कि लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें और कोई परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलें। नियमित नेत्र परीक्षण समस्याओं को उस स्तर पर रोक सकते हैं जहां उनका सर्वोत्तम परिणामों के साथ इलाज किया जा सकता है। इसलिए, समय पर पता लगाना आंखों की देखभाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Delivering hope and critical eye care to all at affordable costs –  Shree Ramkrishna Netralaya

श्री रामकृष्ण नेत्रालय के डॉक्टरों ने आंखों के सूखेपन से बचने के बताए उपाय

ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस ने 27 विभूतियों को दिया महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान

नयी दिल्ली, 26 मार्च ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) ने महान कवियित्री, सुविख्यात लेखिका, पद्म विभूषण और पद्म भूषण सम्मान से अंलकृत महादेवी वर्मा की जयंती 26 मार्च के अवसर पर महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान समारोह – 2022 का आयोजन किया, जिसमें अलग-अलग क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 27 विभूतियों को  महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।

जीकेसी की प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन की अध्यक्षता में स्व. महादेवी वर्मा की जयंती के अवसर पर सत्याग्रह मंडप, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, राजघाट, नई दिल्‍ली परिसर में महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान समारोह – 2022 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन, भगवान गणपति और भगवान चित्रगुप्त चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गयी। इसके बाद इसके बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और महादेवी वर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया। श्रीमती जया श्रीवास्तव ने भजन वैष्णव जन तो तैनी कहिये गीत पेश किया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संदीप मारवाह, सुमन कुमार, ज्ञानेन्द्र रावत, प्रिया मल्लिक और माया कुलश्रेष्ठ निगम मौजूद थी, जिन्हें मोमेंटो, पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। जीकेसी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रतिष्ठा  श्रीवास्तव ने किया।

इस अवसर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्‍यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि जीकेसी कायस्‍थ समाज के शैक्षणिक, आर्थिक, सांस्‍कृतिक विकास के साथ-साथ उनके उत्‍थान के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत प्रख्यात लेखिका एवं उपन्यासकार स्व. महादेवी वर्मा की जयन्ती के अवसर पर महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान-2022 ,समाज के लिए अपने अमूल्‍य योगदान देने वाली 27 विभूतियों को दिया गया है। उन्होने बताया कि महादेवी वर्मा छायावादी युग की प्रमुख कवयित्री मानी जाती हैं। आधुनिक हिंदी साहित्य में महादेवी वर्मा मीराबाई के नाम से प्रसिद्ध हुईं। आधुनिक गीत काव्य में महादेवी वर्मा जी का स्थान सर्वोपरि रहा तथा उन्होंने एक गद्य लेखिका के रूप में भी अपनी ख्याति प्राप्त की।आधुनिक हिन्दी की सबसे सशक्त कवयित्रियों में से एक होने के कारण उन्हें आधुनिक मीरा के नाम से भी जाना जाता है।महादेवी वर्मा जी एक मशूहर कवियित्री तो थी, इसके साथ ही वे एक महान समाज सुधारक भी थीं।

जीकेसी के ग्लोबल महासचिव अनुराग सक्सेना ने बताया कि सुप्रसिद्ध कलाकार अंजन श्रीवास्तव और रमेशचंद्र श्रीवास्तव को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान दिया गया है। उन्होंने बताया कि  सामाजिक कार्य के क्षेत्र में डा. नम्रता आनंद, अविलाला श्रीधर, अलका श्रीवास्तव, अनुज श्रीवास्तव, पत्रकारिता के क्षेत्र में कमल किशोर, राजीव रंजन और प्रेम कुमार, शोध एवं लेखन के क्षेत्र में उदय सहाय, विवेक भटनागर, संगीत के क्षेत्र में श्रुति सिन्हा, डा. रंजन कुमार, देवांश चंद्रा, शालिनी श्रीवास्तव, सुबोध नंदन सिन्हा, जया श्रीवास्तव, श्रेया बसु, उत्कृष्ठ शैक्षिक योगदान के लिए प्रो. (डा.) वीके श्रीवास्तव, साहित्य के क्षेत्र में आलोक श्रीवास्तव, अलका सिन्हा, लक्ष्मी नारायण भटनागर, चित्रकला के क्षेत्र में सुभद्रा देवी, एमएसएमई के क्षेत्र में रवि नंदन सिन्हा, और फिल्म के क्षेत्र में अशोक सक्सेना, पवन सक्सेना, दीप श्रेष्ठ, को इस बार यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के विकास यात्रा की जानकारी दी तथा जीकेसी के उद्देश्य को भी सबके सामने रखा। जीकेसी कायस्थ समाज परिवर्तन के दूरगामी लक्ष्य को साधने के लिये कमर कस कर खड़ा है। महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान समारोह इसी लक्ष्य की दिशा में एक कदम है।

जीकेसी की प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन ने बताया कि प्रख्यात कवयित्री महादेवी वर्मा की गिनती हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभ सुमित्रानंदन पंत, जयशंकर प्रसाद और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के साथ की जाती है। महादेवी वर्मा एक महान कवयित्री होने के साथ-साथ हिंदी साहित्य जगत में एक बेहतरीन गद्द लेखिका के रूप में भी जानी जाती हैं। महादेवी वर्मा एक ऐसी लेखिका थी, जिन्होंने अपनी कलम से समाज के दबे-कुचले वर्ग के दर्द को उकेरा। उन्होंने समाज के सामने शोषित वर्ग की कठिनाइयों को अपने शब्दों में बयान किया.

इस अवसर पर श्री आलोक अवरिल ने विचार मंथन पेश किया, वहीं शालिनी बैरागी, देवांश चंद्रा ने पार्श्वगायन जबकि डा. सुमित्रा दत्त राय ने कत्थक नृत्य पर लाजवाब प्रस्तुति दी। जीकेसी के ग्लोबल उपाध्यक्ष आनंद सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और सभी सम्मानित लोगों को बधाई एवं शुभकामना दी। उन्होंने कहा, महादेवी वर्मा जी एक मशूहर कवियित्री तो थी, इसके साथ ही वे एक महान समाज सुधारक भी थीं।महादेवी वर्मा एक ऐसी लेखिका थी, जिन्होंने अपनी कलम से समाज के दबे-कुचले वर्ग के दर्द को उकेरा। उन्होंने समाज के सामने शोषित वर्ग की कठिनाइयों को अपने शब्दों में बयान किया। महादेवी वर्मा ने गद्य, काव्य, शिक्षा और चित्रकला सभी क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए।जिन्होंने साहित्य के जरिए समाज में नई चेतना और ऊर्जा जगाई.।राष्ट्रगीत के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर नवीन कुमार,सुबाला वर्मा, ई० सुनील कुमार ,राजीव कांत

शुभ्रांशु श्रीवास्तव,प्रजेश शंकर,

शालिनी सिन्हा,राज कुमार,

दिवाकर कुमार वर्मा , नवीन श्रीवास्तव

रजनी श्रीवास्तव,अभय सिन्हा

राकेश अम्बस्था, सुनील श्रीवास्तव

हीरालाल कर्ण,नीतिन माथुर,

दीपांशु श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव

नरेन्द्र कुमार अम्बस्था,  शिल्पी बहादुर अजय अमृतराज  समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस ने 27 विभूतियों को दिया महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान

Anju Kumari Behera – Miss Universe 2022 And Miss photogenic

My name is Anju Kumari Behera, and I am a 24-year-old. Due to my distinctive philosophy, I am appreciated for thinking above the boundaries of society and family. I am a young and energetic lady from odisha. I have completed my Master’s in Chemistry from Centurion University, Balangir. Presently, I am pursuing a B.ed from Andhra University. Besides, I have been associated with the beauty world for the last few years.

I have a distinct and scholarly perspective on life, which allows me to evaluate everything optimistically constantly. A sense of optimism always resigns me. This vitality enables me to be a quick learner and problem solver. I have faith in my capacity to meet life’s challenges with courage and zeal. And this energy in me has helped me overcome the daily hurdles I’ve encountered since the foundation of my company, Mr. & Miss Koshal. I keep myself joyful and motivated, and this energy allows me to encourage those around me. I’ve always been a quick learner, and every step in life teaches us something.

I have always aspired to be a strong lady who achieves her goals. And I believe this is one of the main reasons I have achieved titles such as Odisha beauty expo 2020-Miss best walk , Miss Tiara Queen of Bharat 2021-1st Runner up, and Face of Central India 2021 – Miss Perfect, and also Miss India runway iconic 2022 winner. Miss universe 2022 winner and Miss photogenic.

My various experiences have only served to strengthen me and help me grow into a beautiful and cheerful woman. My inner beauty has always inspired me to go out into the world and spread happiness to others around me. The most important lesson I learned on this beautiful short journey through life is that hard work can make any seemingly impossible ambition a reality.I’m confident that many more opportunities will present themselves. Nonetheless, all possibilities have always been challenging, and the next ones will be no different, requiring my utmost effort. I’m well aware that success brings new opportunities and challenges, and I am prepared to confront it with the same zeal I have constantly engaged.

I am fortunate, and I credit my success to the most loving and supportive parents. They have been the centre and pillar of my existence through all the ups and downs that life has thrown at me. My father’s expertise and qualifications have solidified my foundations, allowing me to brazen out any hurdles life may throw at me; he is my inspirational hero. My mother’s loving and reassuring smile and her blessing hand inspired me to strive for and overcome every challenge. I would convey the notion that if one is determined from the inside, nothing is impossible.

I am a firm believer in good deeds. My message to the world is to Give the world the best you have, and the best will come to you! From my end, I have always tried to be a giving person whom people can turn on into during their sorrow.

Anju Kumari Behera – Miss Universe 2022 And Miss photogenic

Netra Patil Miss Teen Universe 2022 2nd Runner Up

Netra Patil  – I am 14 years old, Netra Patil, born in the city of weavers, Malegaon. Presently I am reside in Nasik.  In standard 8th, I secured 92% in Nashik Cambridge School. Passion for our work is essential for success in any endeavour. My passion for achieving motivates me to push myself every day and gain new abilities that will help me do better work. I am a self-driven individual with a strong desire to succeed.. I enjoy a challenge and set goals for myself on a regular basis so that I have something to strive towards. I’m not content with mediocrity, and I’m continuously looking for methods to improve and attain excellence.

I must admit that I am a sports freak. I enjoy anything and everything related to sports. By nature, I’m a competitive person who strives to be the best version of myself. I’ve obtained a broad grasp of various sports and their strategies over the last few years. In the fields of sports like long jump, spirits, and others, I have earned ten medals and numerous certificates. This keeps me motivated and also fit.

In today’s environment, studies are essential, and I understand the value of academics. I enjoy studying and becoming engaged in a book. For several events and exams, I received numerous medals and certificates, for example, essay writing, math olympiad, etc.

I first participated in a fashion show in 2021, when I began my journey. I did so just because I enjoyed it, not because I had a goal in mind, and then I won 1st runner up at Stardom India kids fashion show 2021; from there, I gained confidence and hope in my inner mind that yes, I have the potential in me and I can do this. After this, as an encouragement booster, I also gained 2 nd second place in the Miss Teen Universe 2022 held at WE Hotels in Pune. I aspire to become a successful actress and a model.

The modelling field is a diversified one, and it will enable me to channel my preferred style while maintaining my individuality. The variety of styles available makes the job exciting and motivating, and it’s in this diversified, high-energy setting that my enthusiasm for modelling will blossom. I enjoy how, as an actress, I can take on different characteristics and portray them in my unique way. I believe this allows me to be more sympathetic and empathic toward the people I encounter in my daily life. It has given me more self-assurance and inventiveness in all I do. Every time I perform, I enjoy the surge of nerves and excitement I have before taking the stage. It simply motivates me to give my best effort.

Along with new opportunities, I know I will come across many new challenges, but I am confident that I will meet all the expectations. God has been gracious in providing me with a loving family, supporting parents, and inspiring teachers who have assisted me in reaching the very pinnacle of achievement.

My message to the world is to find new and innovative ways to deal with difficult situations. Look for a peaceful solution when an issue develops. If you can’t come up with a solution, ask yourself for advice from your inner wisdom. Then, whether you comprehend the logic, follow that insight when it arrives.

 

Netra Patil  Miss Teen Universe 2022 2nd Runner Up

Katyayani Sharma Actress Has The Distinction Of Working In Many Regional Films

कम उम्र से अभिनय के क्षेत्र आयी कात्यानी अपना काम पूरी लगन से करती रही। अपनी कामयाबी की मंजिल पाने के लिए वो आगे काम करती रही और कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। अपने मंजिल तक पहुंचने के लिए कात्यायनी ने पूरे आत्मविश्वास और धैर्य के साथ एक एक कदम आगे बढ़ाया। बचपन से ही अभिनय के प्रति प्रगाढ़ रुचि ने उन्हें पंजाब से दिल्ली तक पहुँचाया। जहां इन्होंने टीचिंग और मॉडलिंग का काम किया। फिर अपने कैरियर में नया पड़ाव लाने के लिए मुम्बई में आकर अपना अभिनय सफर शुरू किया। मुंबई में इन्होंने कई शॉर्ट फिल्म, विज्ञापन, फिल्मों और धारावाहिको में काम किया। सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल के कई भाग में इन्होंने काम किया है। ज़ी टीवी पर प्रसारित धारावाहिक ‘दो सहेलियां किस्मत की कठपुतलियां’ में मीरा का किरदार निभाया था। बालाजी के धारावाहिक ‘करम अपना अपना’ में मुख्य भूमिका निभाई है।

अभिनय में निखार के साथ कामों में अधिकता आयी और वह दक्षिण भारत की ओर निकल पड़ी। यहाँ किस्मत ने इनका भरपूर साथ दिया और उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने का मौका मिला। फ़िल्म ‘ट्रैप’ में ब्रम्हा के साथ इन्हें काम करने का मौका मिला। यह फ़िल्म और इनका स्वयं के द्वारा निभाया किरदार इन्हें बेहद पसंद है। कात्यायनी ने तमिल फिल्म ‘पार्वतीपुरम’ में मुख्य भूमिका निभाया। जिसे हिंदी में डब किया गया और इस फ़िल्म का नाम ‘शिवशक्ति’ रखा गया। अभिनेता श्रीहरि के साथ इन्होंने फ़िल्म ‘शिवकेशव’ मुख्य भूमिका में काम किया। कात्यायनी ने दो वेब सीरीज़ में भी अभिनय किया है।

इनकी आगामी फ़िल्म जल्द ही रिलीज़ होने वाली है। फ़िल्म और ओटीटी प्लेटफॉर्म में आगे भी वह काम कर रही है। कात्यायनी का कहना है कि लगन से अपना काम करते रहना चाहिए लेकिन जो आपका दिल नहीं माने ऐसे कामों के लिए समझौता ना करें। फ़िल्म अभिनेत्री रश्मिका मंदना का अभिनय इन्हें पसंद है। अभिनेता में नागार्जुन, अल्लुअर्जुन इनके पसंदीदा अभिनेता है और भविष्य में इनके साथ काम करना इनकी ख्वाहिश है। गोविंद नामदेव का भी ये बहुत सम्मान करती है।

अभिनय क्षेत्र में जब इनकी शुरुआत हुई तो गोविंद नामदेव के सानिध्य में अभिनय की बारीकियां सीखने का इन्हें मौका मिला। हिंदी फिल्म ‘कॉलेज कैम्पस’ और ‘लव क्रॉस’ में वह अपने अभिनय का जादू बिखेर चुकी है। अभिनय के क्षेत्र में कात्यायनी हर प्रकार का चैलेंजिंग किरदार निभाना चाहती है। अभिनेत्री दिव्या भारती इनके दिल के करीब है। लव स्टोरी और वूमेन ओरिएंटेड फ़िल्म इन्हें पसंद है और भविष्य में वह महिला प्रधान फ़िल्म में मुख्य भूमिका करने के लिए उत्साहित है। विगत पंद्रह वर्षों से वह फ़िल्म इंडस्ट्री में काम कर रही है साथ ही उनका कहना है कि यदि आप आपने काम को पूरे ध्यान और लगन से करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।

कात्यायनी धार्मिक, संस्कारी और अनुशासित है। कर्म पर उनका पूर्ण विश्वास है। किस्मत सदैव आपका साथ देती है बस आप अपने कर्म सच्चे दिल से करते रहो। कोविड के कारण उनकी फिल्म का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया था अब जल्द ही यह फ़िल्म दर्शकों तक पहुंच जाएगी।

पंजाब के अमृतसर की गलियों से अपने अभिनय का हुनर दिखाने माया नगरी मुम्बई में कदम रखने वाली अभिनेत्री हैं कात्यायनी शर्मा।