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ओंकार नाथ जी को अध्यात्म और कला के लिए “भारत गौरव सम्मान” से किया गया सम्मानित

इंदौर, मध्यप्रदेश: आध्यात्मिक और तांत्रिक साधना के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके राहुल सूर्यवंशी, जिन्हें उनके गुरु द्वारा दिया गया नाम ओंकार नाथ जी है, को उनकी अद्वितीय साधना, कला और आध्यात्मिक प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है।

पिछले लगभग 14 वर्षों से ओंकार नाथ जी नाथ सम्प्रदाय और अघोर पंथ की साधनाओं में निरंतर संलग्न हैं। इंदौर, मध्यप्रदेश के निवासी ओंकार नाथ जी ने अपने समर्पण, तप और साधना के माध्यम से इस क्षेत्र में गहन अनुभव प्राप्त किया है।

उन्होंने अघोर पंथ के सिद्धांतों, तंत्र साधना, पूजा-विधि और आध्यात्मिक क्रियाओं पर गहन अध्ययन और अभ्यास किया है। उनका मानना है कि यदि साधक को सही गुरु, उचित ज्ञान और धैर्य प्राप्त हो, तो वह जीवन में असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी संभव बना सकता है।

अपने साधना काल के दौरान ओंकार नाथ जी ने श्मशान जैसे कठिन और रहस्यमय स्थानों पर रहकर भी साधनाएं की हैं। उनके अनुसार, इस दौरान उन्हें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जाओं का अनुभव हुआ, जिसने उन्हें आध्यात्मिक जगत की गहराइयों को समझने में सहायता प्रदान की।

ओंकार नाथ जी ने अपने जीवन में कई शिष्यों को दीक्षा दी है, जो आज तंत्र साधना और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि तंत्र, मंत्र और यंत्र के माध्यम से व्यक्ति अपनी ऊर्जा को सही दिशा देकर जीवन की समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकता है।

उनकी इसी साधना, समर्पण और असाधारण प्रतिभा को देखते हुए उन्हें “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है, जो उनके कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है।

लगभग डेढ़ दशक के अनुभव के साथ ओंकार नाथ जी का कहना है कि आध्यात्मिक साधना के मार्ग में असीम संभावनाएं हैं, बशर्ते साधक सही मार्गदर्शन, पूर्ण विश्वास और धैर्य के साथ आगे बढ़े।

ओंकार नाथ जी को अध्यात्म और कला के लिए “भारत गौरव सम्मान” से किया गया सम्मानित

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समाजसेवा और खेल के क्षेत्र में डॉ. संजय कुमार को भारत गौरव सम्मान

नई दिल्ली। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और खेल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. संजय कुमार को “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया है। उनके दशकों लंबे समर्पण, निस्वार्थ सेवा और खेल के ज़रिये हज़ारों युवाओं को सही दिशा देने के कार्यों को देखते हुए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

डॉ. संजय कुमार ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए अपने जीवन को समाज और खेल सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने अब तक 5,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया, जिनमें से 500–600 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचे। वॉलीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बेसबॉल, मल्लखंब, बॉल बैडमिंटन सहित कई स्वदेशी खेलों में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने न केवल खिलाड़ियों को तैयार किया, बल्कि नशे की गिरफ्त में फँसे युवाओं को खेल के माध्यम से अनुशासित जीवन की ओर लौटाया। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए कम लागत वाली पोषण व्यवस्था शुरू करना, दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना और बालिकाओं को खेलों में आगे बढ़ाना उनके सामाजिक सरोकारों का प्रमाण है।

उनके इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों, सामाजिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित में दिए गए योगदान को देखते हुए इनके काम को देखकर इन्हें भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और सेवा का प्रतीक है, बल्कि खेल को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने की उनकी सोच को भी मान्यता देता है।

समाजसेवा और खेल के क्षेत्र में डॉ. संजय कुमार को भारत गौरव सम्मान

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Dr. Santosh Raosaheb Chavan को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

मुंबई/चिपळूण।  मुंबई–चिपळूण क्षेत्र से जुड़े प्रख्यात समाजसेवी, खेल प्रशासक, शिक्षाविद् एवं उद्योग जगत से जुड़े डॉ. संतोष रावसाहेब चव्हाण को उनके उत्कृष्ट सामाजिक, शैक्षणिक और खेल क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए “भारत गौरव सम्मान” राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नमस्कार ग्रुप एवं नमस्कार फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा प्रदान किया गया।

डॉ. चव्हाण वर्तमान में एम्बोस्ड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2014–15 में आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब के टैलेंट हंट डिपार्टमेंट के हेड रह चुके हैं तथा एक पूर्व महाराष्ट्र खिलाड़ी भी हैं। वर्तमान में वे मुंबई यूनिवर्सिटी के चीफ सिलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

समाजसेवा के क्षेत्र में डॉ. चव्हाण का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अब तक 400 से अधिक गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता की है, 200 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवाया है तथा 200 से अधिक युवाओं का पुलिस भर्ती में चयन उनकी रुद्र पुलिस करियर अकादमी, चिपळूण के माध्यम से हुआ है।

वे अंश चैरिटेबल ट्रस्ट, रत्नागिरी के फाउंडर प्रेसिडेंट हैं, साथ ही जागो ग्राहक जागो – कोकण विभाग के वाइस प्रेसिडेंट के रूप में भी सक्रिय हैं। खेल के क्षेत्र में उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्रीय स्तर एवं आईपीएल तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

अपने बहुआयामी योगदान के लिए डॉ. चव्हाण को अब तक 12 राष्ट्रीय एवं 1 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा,

“इस प्रकार के पुरस्कार जीवन में और अधिक बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। मैं इस सम्मान के लिए नमस्कार ग्रुप एवं नमस्कार फाउंडेशन, दिल्ली का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

Dr. Santosh Raosaheb Chavan को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

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मंडी, हिमाचल की बहन शैलजा जी को उनके मानवीय मूल्यों के लिए मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

बहन शैलजा जी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से अत्यंत तहज़ीब, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ संवाद किया। उन्होंने न केवल जनसमस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि जहाँ तक संभव हुआ, हर जायज़ कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ पूर्ण करवाया।

कई अवसरों पर यह भी देखने को मिला कि उन्होंने निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर, अपने व्यक्तिगत संसाधनों और खर्च से भी जनहित के कार्यों को संपन्न कराया। यह उनके त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भाव का स्पष्ट प्रमाण है।

इनके उत्कृष्ट कार्यों, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा के प्रति निरंतर समर्पण को देखते हुए बहन शैलजा जी को “भारत गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके कार्यों की सामाजिक स्वीकृति और उनके योगदान का गौरवपूर्ण प्रतीक है।

उनका व्यक्तित्व एक अधिकारी की सीमाओं से कहीं आगे बढ़कर इंसानियत, करुणा और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। आमजन के प्रति उनका विनम्र व्यवहार और समस्या-समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक सच्चा जनसेवक और उत्तम इंसान बनाती है।

समाज उनके योगदान को सदैव स्मरण रखेगा। हम उनके उज्ज्वल, सशक्त और जनसेवापूर्ण भविष्य के लिए हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं।

मंडी, हिमाचल की बहन शैलजा जी को उनके मानवीय मूल्यों के लिए मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

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गुरुग्राम का नन्हा सितारा: 5 वर्षीय दिविज श्रीवास्तव को मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

गुरुग्राम: जहाँ अधिकांश पाँच वर्ष के बच्चे अक्षर ज्ञान या खिलौनों में व्यस्त रहते हैं, वहीं गुरुग्राम के दिविज श्रीवास्तव कम उम्र में ही ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में जुटे हैं। इतनी छोटी उम्र में खगोल विज्ञान और गणित में उनकी गहरी समझ ने शिक्षकों, परिवार और समाज को आश्चर्यचकित कर दिया है।

श्रीमती रिधि श्रीवास्तव और श्री शशि श्रीवास्तव के सुपुत्र दिविज को सौरमंडल से जुड़ी जानकारियों में असाधारण रुचि और पकड़ है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब उन्होंने पाँच वर्ष से कम आयु में मात्र 14 मिनट 48 सेकंड में सौरमंडल से जुड़े 100 जटिल प्रश्नों के उत्तर देकर सभी को हैरान कर दिया।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा को मिला सम्मान

दिविज की इस अद्भुत प्रतिभा को प्रतिष्ठित भारत सम्मान द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई और उन्हें उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया।

दिविज विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को अत्यंत सहजता और उत्साह के साथ समझते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में विज्ञान के प्रति रुचि बच्चे में तार्किक सोच, जिज्ञासा और व्यापक शब्दावली विकसित करने में सहायक होती है।

दिविज के लिए सीखना एक आनंदमय अनुभव है, जो रात के आकाश को देखने और नए तथ्यों की खोज से प्रेरित है। पड़ोसी और मित्र गर्व के साथ इस नन्हे वैज्ञानिक को भविष्य का चमकता सितारा मानते हैं।

दिविज प्रतिदिन नई जानकारियाँ सीख रहे हैं और यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके लिए आकाश भी सीमा नहीं है।

गुरुग्राम का नन्हा सितारा: 5 वर्षीय दिविज श्रीवास्तव को मिला ‘भारत गौरव सम्मान’

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Karma Dharma Welfare Foundation Honored With Bharat Gaurav Samman For Outstanding Social Contribution

Mathura, June 9, 2025: The Karma Dharma Welfare Foundation has been honored with the Bharat Gaurav Samman in recognition of its impactful work in the field of social service across Mathura and surrounding regions. This award highlights the foundation’s commitment to transparency, community upliftment, and sustainable social change.

The foundation has actively worked in key sectors such as healthcare, women empowerment, education, environmental protection, cow welfare, and distribution of food and essentials to underprivileged communities. Thousands have benefited from its free health camps, medicine distribution, menstrual hygiene awareness drives, tree plantation, and school supply programs.

Its cow welfare initiative—”Kachra Nahin, Chara Khayein Shri Krishna ki Gaumata”—has been pivotal in saving stray cows from consuming garbage in the streets. This initiative has seen strong support from dedicated volunteers, especially Gau Sevak Commando Mukul Chauhan, whose efforts have been widely appreciated.

Under the leadership of Founder & Director Lalit Saini, the foundation has secured critical certifications like 12A, 80G, MSME registration, NITI Aayog registration, CSR-1, and is listed on the E-Anudaan Portal, enabling it to receive CSR funds and government support.

The award also recognizes the efforts of the core team: President Smt. Pooja, Vice-President Jaipal Singh Chaudhary, and volunteers including Ankit Khandelwal, Nand Kishore, Mithlesh Kumar, Subhash Chandra, Ashish Gupta (Unnao), Parth Paul (Tripura), and Gau Sevak Commando Mukul Chauhan.

With a growing youth volunteer base, the Karma Dharma Welfare Foundation continues to create meaningful change at the grassroots level, setting an inspiring example in the domain of nation-building through service.

Karma Dharma Welfare Foundation Honored With Bharat Gaurav Samman For Outstanding Social Contribution

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Model & Actress Sangita Paul’s Soaring Success: From Kolkata to the National Stage

कोलकाता की उभरती हुई मॉडल और अभिनेत्री संगीता ने फैशन और मनोरंजन की दुनिया में अपनी खास पहचान बना ली है। अपने पहले ही शो “बौली फैशन शो” में संगीता ने ब्रांड मॉडल, शोस्टॉपर और ग्रूमर की भूमिका निभा कर दर्शकों और जजों का दिल जीत लिया। इस शो के माध्यम से उन्होंने अपनी रचनात्मकता और आत्मविश्वास का परिचय दिया।

वर्ष 2023 में संगीता ने “कोलकाता किंग एंड क्वीन” प्रतियोगिता में भाग लेकर खिताब अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता सप्तसुर एंटरटेनमेंट (STM) द्वारा आयोजित की गई थी। इस जीत के बाद संगीता ने सिलीगुड़ी रवींद्र भवन में आयोजित एक और प्रतियोगिता में भाग लिया, जहाँ उन्हें प्रथम रनर-अप घोषित किया गया।

सिर्फ रैंप वॉक ही नहीं, संगीता ने बंगाली, भोजपुरी और हिंदी सिनेमा में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने कई म्यूज़िक एलबम में भी हिस्सा लिया है, जिससे उनका करियर बहुआयामी बनता जा रहा है।

संगीता अपनी सफलता के लिए विशेष रूप से “पुतुल टेक्सटाइल आर्ट एंड क्राफ्ट” को धन्यवाद देती हैं, जिनका सहयोग और मार्गदर्शन उन्हें निरंतर मिलता रहा। साथ ही, उन्हें “भारत गौरव सम्मान” से भी नवाज़ा गया है, जो उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।

संगीता की यह यात्रा इस बात का प्रतीक है कि अगर मेहनत और लगन सच्चे हों, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। कोलकाता से शुरू हुई यह उड़ान अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचने की तैयारी में है।

 

Model & Actress Sangita Paul’s Soaring Success: From Kolkata to the National Stage